वासुदेव मन्दिर और तुलसी पार्क

दिशा
श्रेणी धार्मिक

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वासुदेव तीर्थस्थल का इतिहास महाभारतकालीन पौराणिक इतिहास समेटे वासुदेव तीर्थस्थल का इतिहास लगभग पांच हजार साल पुराना माना जाता है। मान्यता है कि भगवान श्री कृष्ण ने यहां स्थित तालाब में स्नान किया था। यहां उन्होंने अपने हाथों से शिवलिंग की स्थापना कर उसका पूजन भी किया था। वह शिवलिंग मंदिर में आज भी है। तभी से इसका नाम श्री वासुदेव तीर्थ स्थल पड़ गया। यहां से होते हुए श्रीकृष्ण रुक्मणी से विवाह के लिए सम्भल गए थे।

कैसे पहुंचें:

बाय एयर

मुरादाबाद हवाई अड्डा दिल्ली हवाई अड्डा

ट्रेन द्वारा

अमरोहा (AMRO) रेलवे स्टेशन

सड़क के द्वारा

अमरोहा